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Sunday, 1 April 2018

अच्छे दिन आ गए मितरों... (व्यंग्य)

सुबह उठा तो पेड़ों पर चिड़िया 'अच्छे दिन आ गए' गा रही थीं। पैर जमीन पर पड़े तो मखमल का कालीन बिछा हुआ था, देसी टॉइलट की जगह 'स्वच्छ भारत' लिखा विदेशी कमोड लगा था जिसका जेट ऑन होते ही 'मित्रों' की आवाज़ कर रहा था। मेरी अलमारी में भगवा रंग के स्टाइलिश कपड़े जमे हुए थे और उनमें से सच्चे हिन्दू वाले चंदन की खुशबू आ रही थी। पहनकर बाहर निकला तो गड्ढा-मुक्त सड़कों पर कांग्रेस नेता पोंछा लगा रहे थे, वहीं कोने में पप्पू मंच से खाली मैदान में चुटकुले सुना रहे थे। राम मंदिर की पताका दूर लहराती नज़र आ रही थी और बैंक 'घर-घर मोदी' का नारा लगाने वालों को 15 लाख पहुंचा रहे थे।

इतनी देर में माथा घनचक्कर हुआ ही था कि देखा, मोदीनामी सूट पहने एक पत्रकार कैमरे के सामने मोदी महात्म्य सुना रहे थे। बता रहे थे किस तरह विजय माल्या ने तिहाड़ जेल में शादी रचाई है, नीरव और ललित मोदी सहित पूरी भगोड़ी फैमिली बारात लेकर आई है। आगे देखा तो मस्जिदों के गुम्बद भगवा पुते हुए थे, उनपर झंडे लगे थे और लाउडस्पीकर पर मोदी जी के मन की बात सुनाई दे रही थी। पता चला, भारत हिन्दू राष्ट्र बन चुका है.. बाकी धर्म वाले थोड़े पाकिस्तान, थोड़े बांग्लादेश, थोड़े कनाडा, थोड़े नार्थ-ईस्ट और थोड़े यूएस भेज दिए गए। बाकी बचे लोगों को बंगाल की खाड़ी में फेंक दिया गया है, कुछ मार्गदर्शन मंडल में भी जमे हैं।

अमीर-गरीब सब एक से दिख रहे हैं, वही भगवा कपड़े पहने सेम 'नोटबन्दी' टाइप इस्माइल कर रहे थे। कहते हैं, सीमा सुरक्षा अब मुद्दा ही नहीं है क्योंकि आरएसएस की सेना बॉर्डर पर मोदी जी के भाषण चलाकर बैठ गई है। पाकिस्तानी कान के साथ-साथ बंदूक-तोप की नलियों में भी रुई ठूंसकर बैठे हैं। जेब से फोन निकालकर देखा तो फेसबुक पर लोकतंत्र खतरे में वाली पोस्ट भी 'लोकतंत्र' की तरह गायब थीं, क्रांतिकारी पत्रकारों के पैरोडी अकाउंट तक ब्लॉक हो चुके थे और जेएनयू की जगह मैप में अब 'देशभक्त निर्माण कार्यशाला' दिखा रहा था। हां! जिओ की ओर से मोदी जी की 12 मिस कॉल और 26 मैसेज पड़े थे। मैसेज में लिखा था, 'अच्छे दिन आ गए हैं मित्रों, इसे अपनी कॉलर टोन बनाने के लिए 420420 पर मिस कॉल दें, या सच्चे हिन्दू इस मैसेज को फॉरवर्ड करें!'

बड़ी मुश्किल से एक भाई साहब को पकड़कर विपक्ष कहां है का सवाल किया तो पता चला, 'विपक्ष के बचे खुचे घिसे पिटे 13 नेता महागठबंधन करके मोदी जी को हराने का मंत्र ढूंढने हिमालय पर चले गए हैं। बाकी साउथ इंडिया वाले कॉमरेड टाइप नेता किताबों के साथ खुद को बंद कर लाइब्रेरी में बैठे हैं। खैर, कांग्रेस को आरोपों की सफाई करते रहने और 'नेहरू की गलती है' सुनने के लिए रोक लिया गया है। देश में केवल सच्चे हिन्दू बचे हैं और बाकी सिकुलरों को 'कट्टर बनाओ मिशन' के तहत अमित शाह के पास सुधारगृह में भेज दिया गया है।'

मोदी जी कहां हैं वैसे? सवाल सुनकर हमसे खफा होते हुए भक्त बोला, 'हम सबमें मोदी हैं भाई! घर-घर मोदी, हर-हर मोदी.. अब तो अच्छे दिन आ गए, तुम भी तो मोदीनाम जपोगे? तुम चाहोगे तभी तो मेक इन इंडिया में हर कोई सच्चा हिन्दू बनेगा, वरना एक अकेला मोदी क्या-क्या करेगा?'

भाई मगर वो ऑरिजिनल वाले मोदी जी कहां.. बीच में ही टोककर भक्त बोला.. 'वो नया देश खोजकर आए थे न परसों, ट्रम्प के साथ उसका भूमिपूजन करने गए हैं.. मंदिर वहीं बनाएंगे!' और जो ये वाला मंदिर बना है वो? मैंने पूछा! 'तो आ रहे हैं न शाम को किम जोंग के साथ.. आरती मोदी जी ही तो कराएंगे! और हां, शर्त लगा लो, प्रसाद खाने राहुल बाबा भी आएंगे! हर हर मोदी..'